
हिंदू राष्ट्र संघ गौ रक्षा को एक महत्वपूर्ण कर्तव्य और धार्मिक दायित्व मानता है। हमारे धर्मग्रंथों में गाय को माता का स्थान दिया गया है, और उसकी सेवा व रक्षा को पुण्य कर्म माना गया है। गौ माता केवल धार्मिक दृष्टिकोण से ही नहीं,

मंदिर सकारात्मक आध्यात्मिक ऊर्जा को संरक्षित करने, बढाने और फैलाने में सहायता करते हैं, जिससे व्यक्ति एवं पर्यावरण की शुद्धि होती है । हिन्दू मंदिर जीवित संस्थान हैं, जो इससे जुडी परंपरा, रीति-रिवाज तथा समुदाय के अस्तित्व को सुनिश्चित करते हैं ।

यदि एक हिन्दू धर्मांतरित होता है, तो केवल एक हिन्दू कम नहीं होता, अपितु हिन्दू समाज का एक शत्रु बढता है जाति का अनुचित लाभ उठाकर अथवा जाति एवं समाज का विभाजन कर अथवा बल प्रयोग कर हिन्दुओं का धर्मांतरण

मांस बेचनेवाले प्रतिष्ठानों (कंपनियां) को सहायता देना बंद करें ! हिन्दू धर्म के अनुसार किसी जीव की हत्या / हलाल कर ग्रहण नहीं करना चाहिए | बेजुबान जानवरो के मांस की बिक्री को रोकना अनिवार्य है |

स्वस्थ लोग स्वस्थ राष्ट्र बनाते हैं", हिंदू राष्ट्र संघ की परियोजनाएं उपचारात्मक स्वास्थ्य देखभाल के साथ-साथ निवारक स्वास्थ्य उपायों पर आधारित हैं। भारत आयुर्वेद से लेकर शल्य चिकित्सा तक सभी चिकित्सा विज्ञानों की जननी है।

शिक्षा, संस्कृति और मूल्य किसी भी देश के विकास के लिए मुख्य स्तंभ हैं और युवा मन को समाज और राष्ट्र की बेहतरी के लिए काम करने के लिए सशक्त बनाना है और इसे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।

कौशल और ज्ञान किसी देश के आर्थिक विकास और सामाजिक विकास की प्रेरक शक्तियाँ हैं। भारत जैसी तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में, जिसकी जनसंख्या बहुत ज़्यादा और लगातार बढ़ रही है, समस्या दोहरी है।

ये आयोजन हिंदू जीवन के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक ताने-बाने में गहराई से जुड़े हुए हैं, जिनमें अक्सर पारंपरिक अनुष्ठान, मंदिर निर्माण, प्रार्थना और सामुदायिक समारोह शामिल होते हैं।