
हिंदू राष्ट्र संघ गौ रक्षा को एक महत्वपूर्ण कर्तव्य और धार्मिक दायित्व मानता है। हमारे धर्मग्रंथों में गाय को माता का स्थान दिया गया है, और उसकी सेवा व रक्षा को पुण्य कर्म माना गया है। गौ माता केवल धार्मिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक रूप से भी हमारे समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। गौ पालन से कृषि, दुग्ध उत्पादन, और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलता है।
हिंदू राष्ट्र संघ का मानना है कि गौ हत्या पर कठोर प्रतिबंध लगाकर समाज में शांति और समृद्धि लाई जा सकती है। गौ रक्षा को केवल एक धार्मिक कर्तव्य ही नहीं, बल्कि यह राष्ट्रीय सेवा का भी एक महत्वपूर्ण अंग माना जाता है। संघ के अनुसार, गौ रक्षा से भारतीय संस्कृति और संस्कारों की रक्षा होती है, और यह हमारी सभ्यता को बनाए रखने का एक प्रभावी साधन है।
संघ गौशालाओं की स्थापना, गौ चिकित्सा, और गौ संरक्षण के अन्य उपायों को भी प्रोत्साहित करता है। गौ हत्या पर रोकथाम और गौ पालन को बढ़ावा देना, हिंदू राष्ट्र संघ की प्रमुख नीतियों में से एक है, जिसका उद्देश्य समाज में नैतिक और सांस्कृतिक पुनरुत्थान है।